केंद्रीय विद्यालय, नागदा का शुभारंभ: शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि
दिनांक: 10 जुलाई 2026
केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने मध्यप्रदेश के नागदा नगर को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सौगात प्रदान करते हुए केंद्रीय विद्यालय, नागदा का विधिवत शुभारंभ किया। यह विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस गरिमामय अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं गरिमामयी उपस्थिति में कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। इनमें सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद श्री उमेश नाथ जी महाराज, विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, नगरपालिका परिषद नागदा की अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ. पी. गहलोत तथा केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की उपायुक्त श्रीमती शाहिदा परवीन विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
विद्यालय के शुभारंभ समारोह को सफल बनाने में उज्जैन के जिलाधीश एवं केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री रोशन सिंह (IAS), केंद्रीय विद्यालय उज्जैन के प्राचार्य श्री मुकेश कुमार मीना तथा केंद्रीय विद्यालय नागदा के प्रभारी प्राचार्य श्री विपिन मेहता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शिक्षा के नए अवसर
केंद्रीय विद्यालय, नागदा की स्थापना से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण संसाधन, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल सुविधाएँ, विज्ञान एवं गणित प्रयोगशालाएँ, खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर पर प्राप्त होगा।
विद्यालय का पुस्तकालय विद्यार्थियों में पठन संस्कृति (Reading Culture) विकसित करने, आजीवन सीखने की आदत को प्रोत्साहित करने तथा ज्ञान आधारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निष्कर्ष
केंद्रीय विद्यालय, नागदा का शुभारंभ केवल एक नए विद्यालय की स्थापना नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। यह विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों, नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र बनकर आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
"ज्ञान ही विकास का आधार है, और एक समृद्ध पुस्तकालय उस ज्ञान का सबसे सशक्त द्वार है।"
